नई दिल्ली, जुलाई 12 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश भर में भ्रामक दावों के साथ बीमा पॉलिसी बेची जा रही हैं, जिसको लेकर अब सख्ती की तैयारी है। आकड़ों से पता चलता है कि आम लोगों का जीवन बीमा पॉलिसी से मोहभंग हो रहा है और बीते पांच वर्षों के दौरान जीवन बीमा पॉलिसी रद्द करने वालों की संख्या बढ़ रही है। बीते वित्तीय वर्ष में 38.3 प्रतिशत भुगतान पॉलिसी को समय से पहले तोड़ कर बंद की गई पॉलिसी के तौर पर किया गया। हाल में आरबीआई की तरफ से जारी रिपोर्ट को लेकर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। आईआरडीए ने पॉलिसी की गलत बिक्री को रोकने के लिए बीमा एजेंटों और अन्य मध्यस्थों पर निगरानी बढ़ाने के साथ उनकी जवाबदेही तय करने का प्रस्ताव रखा है। आईआरडीए को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि झूठे और लुभावने सपने दिखाकर ल...