बिजनौर, जनवरी 17 -- पॉक्सो एक्ट के एक संवेदनशील मामले में अपने ही आरोपों से मुकर जाना वादी को महंगा पड़ गया। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) कल्पना पांडेय की अदालत ने झूठी गवाही देने के आरोप में वादी को दोषी ठहराते हुए तीन माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार एक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छह सितंबर 2025 को उसका 15 वर्षीय पुत्र घर का सामान लेने गया था। आरोप लगाया गया था कि नामजद व्यक्ति ने बीड़ी पिलाने के बहाने नाबालिग को अपने घर बुलाकर उसके साथ कुकर्म किया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान वादी अपने पूर्व में दिए गए बयान और लिखित रिपोर्ट से पलट गया। इससे अभियोजन पक्ष के साक्ष्य कमजोर पड़ गए और अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते...