ललितपुर, अगस्त 13 -- ललितपुर। झुनारे रावत, यह ऐसा नाम है जिसकी चर्चा के बिना जिले में स्वतंत्रा संग्राम से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ न केवल राजाओं के आपसी मतभेद दूर कराए बल्कि मौका पड़ने पर गुरिल्ला युद्ध के माध्यम से अंग्रेजों की बड़ी फौज के छक्के छुड़ा दिए थे। महावीरपुरा जाने वाले मार्ग पर विशालकाय पीपल का पेड़ और चबूतरा उनकी शहादत की निशानी है। बात है सन् 1857 की। जब अंग्रेजी सेना जॉन वेवेस्टस के नेतृत्व में युद्ध कर रही थी। उसने चंदेरी के राजा मौर्य प्रसाद को पराजित करके दो तिहाई राज्य अपने अधिकार में कर लिया था। अंग्रेजों की सेना ललितपुर में अपनी छावनी बनाए थी। भूख मिटाने के लिए अंग्रेजी सेना ने गायों की हत्या शुरू कर दी। पंडित झुनारे रावत को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। उन्होंने अंग्रेजों से बदला लेने...