नई दिल्ली, जून 6 -- झारखंड हाई कोर्ट द्वारा छुट्टी का अनुरोध अस्वीकार करने के खिलाफ एडीजे रैंक की महिला न्यायिक अधिकारी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। महिला अधिकारी ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि न्यायिक अधिकारियों पर लागू बाल देखभाल अवकाश नियमों के अनुसार, वह अपने सेवाकाल के दौरान 730 दिनों तक की छुट्टी की हकदार हैं। उन्होंने केवल छह महीने की छुट्टी मांगी है, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट से कहा कि वह एकल अभिभावक महिला न्यायिक अधिकारी की उस याचिका पर पुनर्विचार करे, जिसमें उसने अपने बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी के अनुरोध को अस्वीकार किए जाने को चुनौती दी है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट न्यायिक अधिकारी की याचिका पर उसकी पिछली याचिका की अस्वीकृति ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.