रांची, अप्रैल 17 -- झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में संरक्षित जंगलों की सीमा से पत्थर खनन और क्रशर लगाने के लिए न्यूनतम दूरी 250 मीटर से बढ़ाकर 500 मीटर कर दी है। यानी जंगलों से 500 मीटर के दायरे के बाहर ही खनन की अनुमति रहेगी। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण निर्देश दिया। मामले की अंतिम सुनवाई अब 18 जून 2026 को होगी। तब तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। खंडपीठ ने कहा, जेएसपीसीबी (राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) द्वारा 2015 व 2017 में जारी अधिसूचनाओं में दूरी घटा 250 मीटर की गई थी। इसपर कोर्ट ने कहा, दूरी घटाना अप्रासंगिक तथ्यों पर आधारित है। फिर कोर्ट ने इन अधिसूचनाओं को खारिज कर पहले वाली व्यवस्था यानी 500 मीटर दूरी बहाल कर दी। यह भी पढ़ें- झारखंड इस्पात फैक्ट्री ...