रांची, मार्च 24 -- झारखंड के सभी 49 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में कमजोर श्रमिकों की क्षेत्र-आधारित पहचान और गणना की जाएगी। इसके बाद चिन्हित परिवारों का विस्तृत सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन होगा। ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। नगर विकास और आवास विभाग द्वारा इस योजना को केंद्र की दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत पूरा किया जाएगा। इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा रोजगार सृजन है। दरअसल, नगर विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी राज्य वार्षिक योजना का खाका तैयार कर लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले कमजोर व्यवसायिक समूहों (वीओजी) और वीओजी लाथार्थियों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान करना है। इस वार्षिक योजना में आजीविका मिशन एवं संरचनात्मक विकास को फोकस किया गया है। आजीविका मिशन के तह...