रांची, नवम्बर 27 -- राज्य गठन के बाद से 25 सालों में पुलिस व केंद्रीय सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद पर पूरी तरह नकेस कस दी है। नक्सल गतिविधियां अब झारखंड के 22 जिलों से कम होकर पश्चिमी सिंहभूम के दो थाना क्षेत्रों तक सिमट गई हैं। लगातार कार्रवाई और सुदृढ़ रणनीति के चलते राज्य में नक्सलवाद सिमट चुका है। लाल आतंक के खात्मे के दौरान सुरक्षाबल को भी गंभीर नुकसान हुआ है। जानकारी के मुताबिक, अब तक 555 जवान शहीद हो चुके हैंनक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 16 से हुई 4 झारखंड पुलिस के अनुसार, राज्य में इन 25 सालों के दौरान लगातार नक्सल विरोधी अभियान और सख्ती रणनीति का परिणाम यह रहा कि खौफ का खात्मा निर्णायक चरण में पहुंच गया है। इसका प्रमाण यह है कि वर्ष 2005 में जहां विशेष रूप से नक्सल प्रभावित एसआरई जिलों की संख्या 16 थी, वह सितंबर 2025 तक घटकर मात्र 4 ...
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