वार्ता, फरवरी 17 -- झारखंड के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य में बच्चों के अपहरण, लापता होने और मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। शाहदेव ने कहा कि वर्ष 2020 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।उन्होंने कहा कि झारखंड से हर वर्ष औसतन 500 से 700 नाबालिग बच्चे लापता हो रहे हैं। जिनमें से कई का अब तक कोई पता नहीं चल सका। शाहदेव ने कहा कि वर्ष 2022 में आंकड़ों के अनुसार टाटा से 122,गुमला से 52, लोहरदगा से 36 ,चाईबासा से 39, रांची से 29 और पलामू से 46 नाबालिगो के लापता होने की रिपोर्ट हुई। वर्ष 2024 में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 236 नाबालिग़ बच्चे ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हुए।अभी भी हजारों बच्चे ट...