रांची, नवम्बर 12 -- देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ झारखंड भी आतंकी संगठनों की गतिविधियों के कारण लगातार चर्चाओं में रहा है। इंडियन मुजाहिदीन, सिमी जैसे संगठनों के स्लीपर सेल झारखंड में साल 2006-07 के वक्त से ही सक्रिय थे। लेकिन अब अलकायदा इन इंडियन सबकॉटिनेंट, हिज्ब उत तहरीर, जमायत उल मुजाहिदीन बांग्लादेश समेत कई आतंकी और देश के खिलाफ आतंकी साजिश रचने में शामिल संगठनों की सक्रियता है। हालिया गिरफ्तारियों के दौरान यह बात भी सामने आयी है कि सोशल मीडिया आतंक के प्रचार प्रसार के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल हो रहा। सोशल मीडिया के जरिए देशभर में आतंकी संगठन युवाओं को जिहाद के लिए प्रेरित कर रहे, वहीं कट्टरपंथी राह पर ले जा रहे।डॉ इश्तियाक का अलकायदा मॉडयूल जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर आतंकी साजिश रचने के मामले में संदिग्ध डॉक्टरों की गिरफ्तारी क...