रांची, जुलाई 16 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड नीतिगत विफलता, प्रशासनिक सुस्ती और पारदर्शिता के अभाव के कारण अपने सामर्थ्य से पीछे रह गया है। देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन होने के बावजूद राज्य खनन राजस्व, उत्पादन, रोजगार और नई खदानों की नीलामी में पिछड़ रहा है, जो युवाओं और अर्थव्यवस्था के साथ अन्याय है। राज्य सरकार बताए क्यों झारखंड में महज 3 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई उन्होंने कहा कि चाईबासा के सारंडा क्षेत्र में हालिया दौरे के दौरान स्थिति चिंताजनक दिखी। कई खदानों की लीज समाप्त होने के बाद उनका नवीनीकरण या पुनः नीलामी नहीं हुई, जिससे वे वर्षों से बंद हैं। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है, युवाओं का पलायन बढ़ा है और स्थान...