रांची, अगस्त 9 -- झारखंड में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। लगातार मुठभेड़, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के बाद राज्य में इनामी नक्सलियों की संख्या घटकर महज 12 रह गई है। यह संख्या सीपीआई (माओवादी) के एक सामान्य दस्ते में शामिल करीब 22 सदस्यों से भी कम है। इन 12 नक्सलियों पर 1 करोड़ 79 लाख का इनाम घोषित है। आंकड़े बताते हैं कि एक साल में 49 इनामी नक्सली या तो मारे गए या आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे, जिससे माओवादी संगठन की कमर टूट चुकी है। केंद्र सरकार की 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने की घोषित डेडलाइन के बाद सुरक्षा बलों का अभियान निर्णायक चरण में है। सारंडा-कोल्हान क्षेत्र में को नक्सल मुक्त माना जा रहा है। झारखंड के बचे अधिकांश नक्सलियों का संबंध बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र से रहा है। सचिन, मीता और समीर महतो जैसे नाम पुलिस क...