रांची, अगस्त 12 -- नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), जल जीवन मिशन (जेजेएम) और मनरेगा के क्रियान्वयन के प्रदर्शन ऑडिट में बड़ी अनियमितताएं पाई हैं। मंगलवार को झारखंड विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमएवाई-जी योजना के तहत पात्र परिवारों की पहचान और लक्ष्य तय करने में खामियों के कारण 6.32 लाख से अधिक पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए।क्या कहती है रिपोर्ट रिपोर्ट कहती है कि नवंबर, 2022 तक राज्य में 22.34 लाख पात्र परिवारों की पहचान की गई थी। लेकिन प्राथमिकता सूची में खामियों, राज्य द्वारा निर्धारित लक्ष्यों का इस्तेमाल नहीं कर पाने और आवास लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप देने में दो साल की देरी के कारण केंद्र ने केवल 16.02 लाख घरों का ही लक्ष्य आवंटित किया। यह भी...