रांची, दिसम्बर 28 -- वर्ष 2025 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अपने कार्यों को लेकर कुछ विशेष प्रदर्शन नहीं कर सका। विधानसभा में विभाग अंतर्गत चल रही जल जीवन मिशन योजना में गड़बड़ी, इंजीनियरों की लापरवाही काफी सुर्खियां बटोरीं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में केंद्रीय मद का हिस्सा नहीं मिलने का परिणाम यह हुआ कि राज्य के महज 55.10% ग्रामीण घरों तक ही जलापूर्ति योजना पहुंच सकी। उम्मीद है कि वर्ष 2026 में बचे 44.90 % घरों तक जलापूर्ति का काम पूरा किया जाएगा। नए साल में राज्य सरकार का फोकस गर्मी के पहले सभी जिलों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने पर भी रहेगा। इसके अलावा वैसी पुरानी योजना जिनका जलस्रोत स्थायी एवं पर्याप्त है, उनका पुनर्गठन व विस्तार कर चालू करने की कार्रवाई की जाएगी। पुरानी योजनाएं जो अपना जीवनकाल पूर्ण ...
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