जमशेदपुर, मई 22 -- जमशेदपुर । झारखंड भगवान का लाडला बेटा है। यहां झाड़ी है, नदियां हैं, पर्वत हैं। इसे पानीदार बनाना है। यहां गंदे नालों को नदी बनाना असंभव नहीं है। यह बात 2001 में मैगसे पुरस्कार प्राप्त और भारत के जल पुरुष कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के कांफ्रेंस हॉल में कही। वह जमशेदपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्वत एवं नदी सम्मेलन के कार्यक्रम में बोल रहे थे।

कानून बनाने की आवश्यकता राजेंद्र सिंह ने कहा कि पर्वत और नदियों को बचाने के लिए कानून बनाने की आवश्यकता है और इस कानून के लिए हमने प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार किया है। जो प्रारंभिक ड्राफ्ट बनाए गए हैं उसे पर कानून बनाने की प्रक्रिया को लेकर यह पहली बैठक है जो हमने जमशेदपुर में करने का निर्णय लिया था। जब हमने राजस्थान में इतनी सारी नदिय...