दुमका, फरवरी 3 -- दुमका। दिशोम गुरु शिबू सोरेन भले ही आज नहीं हैं पर उनके विचारों को पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं संताल परगना के आदिवासी-मूलवासी अपने आर्दश मानते हैं। दुमका के गांधी मैदान में जब गुरुजी ने अपने कुछ सहयोगियों को साथ लेकर पहली बार झारखंड दिवस मनाने की परिकल्पना की थी तो उस समय किसी को भी नहीं लगा था कि झारखंड दिवस कार्यकम के बहाने संताल परगना के करीब-करीब विधानसभा व लोकसभा सीट पर झामुमो का कब्जा होगा। झारखंड दिवस की भव्यता ने तो अब संताल परगना को झामुमो का अभेद किला बना दिया है। जिसे भेदना मुश्किल होता दिख रहा है। संताल के अभेद किले को पिछले विधानसभा चुनाव में भजपा ने पूरी ताकत ही नहीं झोंक दी, शुरू से ही पाकुड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही भाजपा ने आजसू को यह सीट देकर महागठबंधन को तोड़ने का असफल प्रयास किया। आज जब झामुमो अ...