नई दिल्ली, अगस्त 6 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को 'झारखंड एकेडमिक फोरम' (जेएएफ) ने नैतिक समर्थन किया है। दिल्ली में आयोजित फोरम की बैठक में झारखंड की भर्ती परीक्षाओं और छात्र आंदोलन पर चर्चा की गई।फोरम के संस्थापक-अध्यक्ष और दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. निरंजन कुमार ने कहा कि झारखंड राज्य की स्थापना युवाओं के बेहतर भविष्य के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन लगातार भर्ती प्रक्रियाओं पर उठ रहे सवालों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पर लगे आरोप, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने और उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों की मौत जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच...