रांची, मार्च 17 -- सीएजी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नौ जिलों में 1,59,354 किसानों से धान खरीद में न केवल उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने में काफी देरी की गई, बल्कि बकाया भी पाया गया। सबसे अधिक हजारीबाग के 61,218 किसानों से धान खरीद हुई थी। किसानों को एमएसपी का भुगतान दो किस्तों में होना था। 50% खरीद के अगले दिन और 50% खरीद से एक महीने के अंदर। जांच में सच इसके उलट मिला। पहली किस्त में 79 से 98% किसानों को भुगतान में 775 दिनों तक की देरी हुई। वहीं, दूसरी किस्त में 64 से 100% किसानों को 370 दिनों तक का इंतजार करना पड़ा। वहीं, खरीद की तिथि से आठ माह से चार साल तक की अवधि बीत जाने के बाद भी 1741 किसानों को 8.84 करोड़ का एमएसपी भुगतान किसानों को नहीं किया गया।लापरवाही के बावजूद पैक्स-लैम्पस और मिलरों पर कार्रवाई नहीं राज्य के नौ जि...