जमशेदपुर, अगस्त 30 -- झारखंड की बेटियों के इंजीनियर बनने की राह आसान हो गई है। सूबे में शुरू की गई मनकी मुंडा स्कॉलीशिप योजना इसमें सहायक साबित हो रही है। इसके तहत इंजीनियर बेटियों को 30 हजार सालाना मदद दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मेधावी बेटियों को तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

योग्यताएँ डिप्लोमा कोर्स करने वाली छात्राओं को पंद्रह हजार रुपये प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि इंजीनियरिंग और अन्य डिग्री स्तर के प्रोफेशनल कोर्सेस की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को 30 हजार सालाना छात्रवृत्ति दी जाती है। शुरुआत में यह डिप्लोमा और इंजीनियरिंग तक ही सीमित थी, लेकिन बेटियों के बढ़ते रुझान को देखते हुए सरकार ने इसका दायरा बढ़ाकर इसमें ...