सराईकेला, जुलाई 10 -- राजनगर। झारखंड आंदोलनकारियों का अनिश्चितकालीन धरना सिद्धू-कान्हू पार्क में चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी धनपति सरदार ने कहा कफन ओढ़ कर विरोध प्रदर्शन करना सांकेतिक कदम है। व्यवस्था के प्रति अविश्वास झारखंड आंदोलनकारियों के लिए जीवित रहते हुए भी मृत्यु के समान है। सरायकेला-खरसावां क्षेत्र झारखंड आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है। कफन ओढ़कर वे सत्ता को यह याद दिलाना चाहते हैं कि यह राज्य उन्हीं के बलिदानों की नींव पर खड़ा है। धरना पर बैठे आंदोलनकारी राजेश मुंदरी, योगेश्वर बेसरा, तारापाड़ा महतो, जन्मेजय मंडल, शीला मालती टुडू, बिजली, श्मशान सिंह मुंडा, भगत बेसरा, लखन मुड़िया, दीपक प्रधान, दादीकुई, विजय, वीरेंद्र, लखन, लाभो महतो, बया सरदार, सोनाराम सोरेन, गोपाल, कृष्ण, पंचा सरदार, हरिचरण पांडेय आदि उपस्थित थे।

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