जमुई, जून 23 -- झाझा, निज संवाददता झाझा में एक अदद ट्रॉमा सेंटर और ब्लड बैंक की जरूरत शिद्दत से महसूस की जाती रही है। बता दें कि जिले के जमुई से चकाई की करीब 75 किमी लंबी दूरी के मध्य मुकाम पर स्थित झाझा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के कंधों पर रेल एवं सड़क दोनों के ही हादसों के शिकार के इलाज की जिम्मेदारी होती है। रेल के मामले में भी जसीडीह के बाद से ले झाझा तक के करीब 50 किमी क्षेत्र वाले मुसाफिरों के किसी कारणवश टे्रन की चपेट में आने पर इलाज के लिए उनके परिजनों की उम्मीदें झाझा अस्पताल पर ही टिकी होती है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग मानते हैं कि हादसे के शिकारों के जीवन की रक्षा के लिए हादसे के बाद के 2 घंटे अत्यंत क्रिटिकल होते हैं। शायद उक्त क्रिटिकल टाइमलाइन को मद्देनजर रखते हुए ही केंद्र सरकार ने हादसे के शिकारों के तत्का...