उरई, मई 11 -- उरई, संवाददाता। वीरांगना झलकारी बाई सेवा संस्थान, वीरांगना झलकारी बाई विश्वविद्यालय आंदोलन एवं वीरांगना झलकारी बाई समर्थकों द्वारा संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक मांग पत्र डीएम के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में झलकारी बाई चौराहे का नाम यथावत बनाए रखने मांग की सोमवार को ज्ञापन देते हुए हुए डालचंद ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों से मुकाबला किया था। वही आशीष राज ने उनका योगदान देश के इतिहास में अतुलनीय बताया है। अनिल कुमार वर्मा का कहना है कि झलकारी बाई के नाम और सम्मान से किसी प्रकार का छेड़छाड़ समाज की भावनाओं को आहत करेगा।ज्ञापन यह भी पढ़ें- बाबा नरपत सिंह की स्मृति में खेल विवि में स्मारक के नामकरण की मांग में ...