मधुबनी, मार्च 28 -- मधुबनी । मधुबनी जिले का झंझारपुर नगर परिषद इलाके के विकास के लिए कागजी नाव तो तैयार हैं, लेकिन अधिकारियों के हस्ताक्षर के कारण नाव को किनारे जाने में रुकावट बन रहा है। मानसून का सीजन अब महज कुछ माह शेष है। इसके चलते इलाके में पानी की निकासी के उपाय नहीं होने की आशंका में झंझारपुर के हजारों की आबादी चिंतित है। कारण साफ है कि वर्षों से जलजमाव की परेशानी झेल रहे इस शहर को बचाने के लिए बना स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम जैसा महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान पिछले लंबे समय से प्रशासनिक स्वीकृति की बाट जोह रहा है। सवाल यह उठता है कि जब बुडको जैसी संस्था ने परियोजना को तकनीकी रूप से सही पाया है, तो विभागीय स्तर पर इसे रोकने का क्या औचित्य है? क्या सरकार और प्रशासन झंझारपुर के नागरिकों को जलमग्न गलियों में रहने के लिए विविश करना चाहता ...
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