नई दिल्ली, मार्च 17 -- ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, पिता, सरकारी पद और सम्मान का कारक माना जाता है। कुंडली में सूर्य कमजोर, नीच, शत्रु राशि में, अशुभ दृष्टि प्राप्त या पीड़ित होने पर व्यक्ति को सूर्य दोष का सामना करना पड़ता है। यह दोष जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियां लाता है। आइए जानते हैं सूर्य दोष से होने वाली प्रमुख 7 समस्याएं और इनसे बचाव के प्रभावी उपाय।सूर्य दोष क्या है और कैसे बनता है? सूर्य दोष तब होता है जब कुंडली में सूर्य नीच राशि (तुला) में हो, शत्रु राशि (कुंभ, वृश्चिक) में स्थित हो, राहु-केतु से युति या दृष्टि प्राप्त करे, या अष्टम, द्वादश भाव में हो। सूर्य की कमजोर स्थिति व्यक्ति की आत्मा को प्रभावित करती है, जिससे आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। यह ...