नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह कहा जाता है। इसकी महादशा सामान्य तौर पर 7 साल तक चलती है। कई लोग केतु की महादशा का नाम सुनकर डर जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यदि इस दौरान कुंडली में शुभ ग्रहों की स्थिति मजबूत हो, तो व्यक्ति का भाग्य पूरी तरह बदल सकता है। केतु की महादशा में कुछ विशेष अंतर्दशाएं ऐसी हैं, जो व्यक्ति को अपार सफलता, धन और सम्मान दिला सकती हैं। इनमें सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति की अंतर्दशा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आइए जानते हैं कि इन तीनों ग्रहों की अंतर्दशा केतु की महादशा में व्यक्ति को क्या-क्या लाभ दे सकती है।केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा लगभग 4 महीने की होती है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत तीव्र और शक्तिशाली होता है। यदि कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में है...
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