वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। शास्त्रार्थ महाविद्यालय में गुरुवार को ज्योतिषशास्त्र पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। अध्यक्षता ज्योतिष विज्ञान समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पाण्डेय ने की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में ज्योतिष महत्वपूर्ण मार्गदर्शक के रूप में उभर रहा है, जो तनावपूर्ण जीवनशैली में निर्णय, कॅरियर, रिश्तों और आत्मिक विकास में सहायक है। ज्योतिष में वनस्पति, नक्षत्र, भूगोल, खगोल एवं विज्ञान की विविध विधाएं समाहित हैं। मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्वत परिषद के महामंत्री डॉ. कामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि ज्योतिष और धर्मशास्त्र एक-दूसरे के पूरक हैं। सूर्य सिद्धांत और लिंग पुराण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ज्योतिष के बिना सनातन परंपराओं को पूर्ण रूप से समझना संभव नहीं है। विशिष्ट व...