मेरठ, जुलाई 26 -- मेरठ। ज्योतिष ऐसा विज्ञान है जिसे सही रूप में समझने वाला व्यक्ति जीवन की अनेक चुनौतियों का विवेकपूर्ण ढंग से सामना कर सकता है। प्राचीन भारत में गुरुकुल शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग ज्योतिष विद्या थी, लेकिन समय के साथ इसका महत्व कम होता गया। आज जरुरत है कि इस प्राचीन ज्ञान विज्ञान को पुनः समाज में स्थापित किया जाए। आईआईएमटी विवि के ज्योतिष विभाग द्वारा 'ज्योतिष और समाधान' विषय पर दो दिवसीय गोष्ठी में यह बात कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने कही। गोष्ठी का शुभारंभ कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, पूर्व मंत्री उत्तराखंड सरकार डॉ. नंदकिशोर पुरोहित, आचार्य रमेश सोमवाल, धर्मेंद्र बंसल, डॉ. एचएस रावत, आचार्य सागर, गुरु मां ऊषा सिंह, महामंडलेश्वर मीना सालवान, मां विश्वरूपा, एस्ट्रो राजेश शर्मा एवं ज्योतिष विभाग की डीन डॉ.आशा त्यागी ने किया...