बिजनौर, मई 16 -- नांगल सोती। ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान के साथ शनि जयंती और वट सावित्री व्रत रखकर धर्म लाभ कमाया। शनिवार को अमावस्या तिथि और शनि जयंती के साथ-साथ वट सावित्री व्रत मनाया गया। महिलाओ ने निर्जल व्रत रखकर अपने सुहाग के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और संतान प्राप्ति की कामना करते हुए वट वृक्ष के रूप में बरगद के पेड़ के नीचे पूजा की। इस दिन पूजा करने के साथ-साथ दान-दक्षिणा का विशेष महत्व होता है। वट सावित्री व्रत को बड़मावस नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखकर वटवृक्ष की परिक्रमा करती हैं। यह भी पढ़ें- ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी अमावस्या पर नांगल में भी महिलाओं ने वटवृक्ष की जड़ में जल देकर उसके तने पर कच्चा धागा लप...