औरंगाबाद, अप्रैल 16 -- औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिला में में पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। न्यूनतम 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेज, जो कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु अथवा अन्य पारंपरिक माध्यमों पर लिखे गए हों तथा विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों के पास सुरक्षित हों, उसका डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। जिला में अब तक 1895 हस्तलिखित दस्तावेज चिन्हित किए जा चुके हैं एवं इन दस्तावेजों को ऐप के माध्यम से डिजिटाइज भी कराया जा रहा है। पांडुलिपियों के संरक्षण और उपचार की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि इन्हें नष्ट होने से बचाया जा सके। यह भी पढ़ें- ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 1895 हस्तलिखित दस्तावेज चिह्नित इस संबंध में आज जिला पंचायती राज पद...