औरंगाबाद, जनवरी 25 -- शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन के द्वारा रविवार को औरंगाबाद सदर प्रखंड के बटाने नदी के किनारे शिव गुरू महोत्सव का आयोजन किया गया। शिव शिष्य साहब हरीन्द्रानन्द के संदेश को लेकर आयी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता दीदी बरखा आनन्द ने कहा कि शिव केवल नाम के नहीं अपितु काम के गुरु हैं। शिव के औढ़रदानी स्वरूप से धन, धान्य, संतान, संपदा आदि प्राप्त करने का व्यापक प्रचलन है तो उनके गुरू स्वरूप से ज्ञान भी क्यों नहीं प्राप्त किया जाए। किसी संपत्ति या संपदा का उपयोग ज्ञान के अभाव में घातक हो सकता है। दीदी बरखा आनन्द ने कहा कि शिव जगतगुरू हैं और जगत का एक-एक व्यक्ति चाहे वह किसी धर्म, जाति, संप्रदाय, लिंग का हो शिव को अपना गुरू बना सकता है। शिव शिष्य होने के लिए किसी पारंपरिक औपचारिकता अथवा दीक्षा की आवश्यकता नहीं है। केवल यह विचार ...
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