वाराणसी, जून 20 -- वाराणसी। एक हाथी और सात अंधों की कहानी तो सभी जानते हैं। वह हाथी के अलग-अलग अंगों को स्पर्श करके उसके आकार का अनुमान लगाते हैं। इन सातों में से कोई भी हाथी की पूर्ण व्याख्या तब तक नहीं कर पाएगा जब तक उसका अंधापन दूर नहीं होगा। हम आंख वालों पर भी यही बात लागू होती है। आंख वालों का अंधापन ज्ञान प्राप्ति से दूर होता है। ये बातें संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राकेश कुमार ने कहीं। वह भदैनी स्थित श्रीस्याद्वाद महाविद्यालय के 121वें स्थापना दिवस पर दुर्लभ ताड़पत्रीय पाण्डुलिपियों की प्रदर्शनी एवं स्मार्ट क्लास के लोकार्पण समारोह को शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। यह भी पढ़ें- तीर्थंकरों की वाणी जिनवाणी जैन समाज का गौरव है - प्रो अभय जैनज्ञान प्राप्ति के माध्यम उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्ति क...