देहरादून, मई 28 -- श्री श्याम सुन्दर मन्दिर पटेल नगर में 42 वें मूर्ति स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को लुधियाना से पधारे आचार्य हरि कृष्ण महाराज ने कहा, ज्ञान और वैराग्य के बिना भक्ति अधूरी है l जब तक भौतिक समाज से वैराग्य नहीं होगा और यह जगत मिथ्या है इसका ज्ञान नहीं होगा, तब तक हम भक्ति के सर्वोच्च अवस्था को प्राप्त नहीं कर सकते l आचार्य हरि कृष्ण महाराज ने कहा ध्रुव को भी अपनी सौतेली माता से तिरस्कार मिला तो उनकी माता ने कहा पिता के सिंहासन से बेहतर है परमपिता का सिंहासन प्राप्त करो l इसी बात पर ध्रुव में ज्ञान और वैराग्य का भाव पैदा हुआ और उन्होंने कठोर तपस्या कर मात्र पांच वर्ष की आयु में भगवान को प्राप्त कर लिया l मीडिया प्रभारी भूपेन्द्र चड्ढा ने कहा कि गुरुवार को मूर्ति स्थापना दिवस पर सुबह प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.