नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपने कामकाज और फैसले लेने की प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े प्रमुख फैसले सामूहिक रूप से लिए गए थे। आयोग के तीनों सदस्यों ने हलफनामा दाखिल करने को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी। हालांकि, आयोग के इस जवाब से उसके कामकाज को लेकर उठे सभी सवालों का समाधान नहीं हुआ है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार अपनी टिप्पणियां दर्ज की थीं। इनमें कई मामलों में उन्होंने फैसले लिए जाने के बाद इसकी जानकारी मिलने की बात कही थी। यही इस पूरे विवाद का अहम पहलू है। सवाल सिर्फ यह नहीं है कि आयोग ने आखिरकार किसी फैसले को मंजूरी दी या नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या उसके दोनों अन्य सदस्यों को आयोग के नाम पर की जा...