नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- कई राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसला लेने के आरोपों के बाद राज्यसभा में उनके खिलाफ लंबित महाभियोग का मुद्दा फिर गरमा गया है। विपक्षी दलों ने फिर से इस मुद्दे को उठाया है। विपक्ष के 73 सदस्यों ने गत 24 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंपा था। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष की कई अन्य पार्टियों की तरफ से दिए गए महाभियोग के नोटिस में सीईसी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इनमें सबसे गंभीर पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण के आरोप शामिल हैं। साथ ही बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाना, चुनाव आचार संहिता के क्रियान्वयन में अनियमिता, दस्तावेजी शिकायतों पर...