नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- विपक्ष के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर सरकार पर हो रहे तीखे हमलों के जवाब में भाजपा की देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा उसके भावी चुनावों के पहले प्रचार का अहम माध्यम तो बनी ही है, साथ ही वह अपने नए संगठन को भी मजबूत कर रही है। पदयात्राओं के माध्यम से भाजपा जनता की सरकार को लेकर प्रतिक्रिया भी हासिल कर रही है। चूंकि पार्टी के सभी प्रमुख नेता इन यात्राओं में शामिल हो रहे हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं को भी उसने चुनावी मोड में ला दिया है। जानकारों की मानें तो भाजपा के लिए यात्राओं की रणनीति अक्सर कारगर रही है। यह भी देखा गया है कि यह पार्टी के उत्थान में यह अहम साबित हुई है। इस बार भी उसकी पदयात्रा उसे लाभ पहुंचाती दिख रही है। हालांकि भाजपा पदयात्राएं विपक्षी हमलों के जवाब में निकाल रही...