नई दिल्ली, जुलाई 14 -- सुप्रीम कोर्ट की पहल पर ज्ञानवापी-शृंगार गौरी विवाद को आपसी सुलह-समझौते के जरिए समाधान के लिए मंगलवार को रखी गई मध्यस्थता वार्ता सफल नहीं हो पाई। जिला न्यायालय परिसर के मनोरंजन कक्ष में लगभग 35 मिनट चली वार्ता में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ताओं ने एडीजे की अगुवाई में वाली तीन सदस्यीय कमेटी के समक्ष अपने-अपने दावे पेश किए। पक्षकारों ने कहा कि मामला संवेदनशील और आमजन की भावनाओं से जुड़ा है। इसके मध्यस्थ के जरिए समाधान की संभावना नहीं है। न्यायालय में ही मेरिट के आधार पर मुकदमा निस्तारित होगा। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे निर्धारित समय पर ज्ञानवापी विवाद से जुड़ीं चार फाइलों में मध्यस्थता वार्ता के लिए पक्षकार पहुंचने शुरू हुए। अपर जिला जज (षष्ठम्) आलोक कुमार, सिविल जज जूनियर डिविजन (हवाली) नितिन सिंह एवं पूर्व डीजीसी ए...