वाराणसी, अक्टूबर 31 -- ज्ञानवापी मामले में रिवीजन अर्जी पर सुनवाई वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। ज्ञानवापी प्रकरण में पक्षकार बनाने और वादमित्र हटाने की अपील पर जारी आदेश के खिलाफ शनिवार को सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश द्वितीय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में वर्ष 1991 के प्रकरण में रिवीजन अर्जी पर वादमित्र ने बहस पूरी की। मामले में दो नवंबर को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी अपना पक्ष रखेगी। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि मुकदमे में मणिकुंतला तिवारी के भाई प्रणय पांडेय की ओर से वारिसान के रूप में पैरवी करने की अर्जी खारिज हो चुकी। उस अर्जी में बहनों का विवरण नहीं दर्शाया गया है। उधर, बहनों की तरफ से भी वरिसान बनने के लिए अर्जी दी गई थी, लेकिन भाइयों की अपील खारिज होने पर उन्होंने अर्जी नॉट प्रेस कर दिया। उसके बाद वादमित...