ज्ञान, भक्ति और वैराग्य से ही कलयुग से मुक्ति संभव: भूषण भाई
भागलपुर, मार्च 19 -- कहलगांव प्रखंड के सिंया गांव स्थित शीतला स्थान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथा व्यास भूषण भाईजी महाराज ने श्रद्धालुओं को ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि कलयुग के दुष्प्रभावों से बचने का एकमात्र मार्ग ज्ञान, भक्ति और वैराग्य है। इनके माध्यम से ही मानव जीवन का कल्याण संभव है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मानव 'परीक्षित' है, क्योंकि गर्भावस्था में जीव जिस स्वरूप में भगवान का दर्शन करता है, जन्म के बाद वह जीवन भर उसी स्वरूप की खोज करता रहता है। परीक्षित प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब मनुष्य को अपने जीवन की सीमित अवधि का बोध होता है, तब वह ईश्वर और सद्गुरु की शरण में जाने का प्रयास करता है। यही प्रयास उसके जीवन और मृत्यु को सार्थक बनाता है, जो ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.