गोरखपुर, अगस्त 2 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से आयोजित 14 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स बायोटेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का समापन रविवार को हुआ। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर बधाई दी।मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार और अंतविषय सहयोग के बिना सतत विकास संभव नहीं है। जैव प्रौद्योगिकी आज स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। यूजीसी-एमएमटी...