मथुरा, जून 19 -- श्री झाड़ी हनुमान मंदिर पर चल रहे 35वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस भागवत भास्कर कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा कि बाणों की शैया पर लेटे हुए पितामह भीष्म ने पांडवों को उपदेश देते हुए कहा कि भाग्यवादी कभी मत बनो, हमेशा कर्मयोगी बनो। जो लोग कर्मयोगी होते हैं, भगवान भी हमेशा उनका साथ देते हैं। सुदामा दास महाराज कथा पंडाल में भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा धनोपाजर्न करना चाहिए, बस इस बात का ध्यान रहे कि सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते से धन अर्जित किया हुआ हो। अपनी कमाई का दशांश धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में खर्च करना चाहिए। उन्होंने राग और धर्म की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने दान देने का प्रदर्शन करने पर असहमति जताते हुए कहा कि यदि हम दाएं हाथ से दान कर रहे हैं तो बाएं हाथ को भी नहीं पता चलना...