नई दिल्ली, मई 14 -- वीरेंद्र कुमार पैन्यूली,पर्यावरणविद् व सामाजिक कार्यकर्ता बारिश का समय आने को है और पर्यावरण को लेकर चिंता बहुत बढ़ गई है। ऐसे में, जोशीमठ की नींव को मजबूत करने की कवायद सबका ध्यान खींच रही है। इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शहर को बचाना जरूरी है। उत्तराखंड के हिमालय में 1,875 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लगभग 25 हजार की आबादी वाला जोशीमठ सामरिक, धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण नगर है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह नगर बदरीनाथ धाम, श्री गुरुद्वारा हेमकुण्ड साहिब, औली स्कीइंग स्थल, फूलों की घाटी और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क तक पहुंचने का प्रमुख पड़ाव है। ज्योतिर्मठ के नाम से भी चर्चित यह नगर आदि गुरु शंकराचार्य की तपःस्थली है। यह बदरीनाथ भगवान की शीतकालीन गद्दी स्थल है। बारहमासी तीर्थ यात्रा में भी जोशीमठ की महत्ता है। लोग...