जोधपुर, मार्च 22 -- राजस्थान के जोधपुर में बालिका वधू बनाई गई एक महिला ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर अब अपनी आजादी वापस पा ली है। उसने एक दशक पुराने शादी के उस बंधन को तोड़ दिया जो उस वक्त बंधा था जब वह महज 12 साल की थी। फैमिली कोर्ट के जज वरुण तलवार ने गुरुवार को खुशबू (बदला हुआ नाम) की 2016 में हुई इस शादी को 'बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006' के तहत अमान्य घोषित करते हुए रद्द कर दिया। जज ने अपने फैसले में कहा कि बाल विवाह बच्चों के वर्तमान और भविष्य दोनों ही बर्बाद कर देता है। इसे खत्म करने के लिए पूरे समाज को मिलकर कदम उठाने की जरूरत है। यह भी पढ़ें- राजस्थान में बदलेगा पढ़ाई का अंदाज; लाडू-रोटलो जैसे शब्द होंगे किताबों में शामिलसमाज के दबाव में हुई थी शादी बिश्नोई समाज से आने वाली खुशबू ने कहा कि जब वह स्कूल जाती थी, तब उसे अपने आस-पास हो ...
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