नई दिल्ली, मार्च 7 -- किसी भी फिल्म का म्यूजिक उसकी पहचान बन जाता है। म्यूजिक हमेशा से हिंदी सिनेमा की जान रहा है। हर दौर में अलग तरह के म्यूजिक ने ऑडियंस के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन 70, 80 और 90 का दशक फिल्मों के म्यूजिक के मामले में खास था। इसी समय में क्लासिकल से लेकर गजल, डिस्को, पॉप और भक्ति गीतों को पंसद किया गया। इसी समय में एक ऐसा गीतकार भी आया जिसने अपनी संगीत की समझ, और अपने शब्दों से छाप छोड़ दी। इस म्यूजिक डायरेक्टर, कंपोजर का नाम था रविंद्र जैन। ये वहीं हैं जिन्होंने रामानंद सागर की रामायण को अपने म्यूजिक की वजह से अमर कर दिया।जन्म से ही अंधे थे रविंद्र जैन 1948 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जन्मे रविंद्र जैन पैदाइश अंधे थे। ये कितनी हैरानी की बात है कि जिसने दुनिया के रंग कभी नहीं देखे उसने रामायण के लिए गाने लिखे। राम ...