कासगंज, जून 1 -- यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया कासगंज के ठेठ गांव किसौल किलोनी का शहबाज सिद्धीकी झोंपड़ी में रहता था। मजदूरी के पैसों से दो मोबाइल खरीदकर चलाता था। महज चौथी पास शहबाज जैश ए मोहम्मद कमांडर मोहम्मद उमर से होने वाली चैट मैसेज व कॉल डिटेल डिलीट कर देता था। लेकिन यूपी एटीएस की सतर्क निगाहों से वो बच नहीं सका। यूपी एटीएस ने पूछताछ और गिरफ्तारी के बाद उसके दोनों मोबाइलों के मैसेज व कॉल डिटेल रिकवर करने और साक्ष्य के रूप में सुरक्षित करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिए।शहबाज की कॉल डिटेल और चैट की जांच पूछताछ में शहबाज ने बताया कि उसने इस्लामी जिहाद और शरिया कानून पर गंभीर बातें मोहम्मद उमर से कीं और मैसेज आदान प्रदान किए। कासगंज पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि इस मामले में एटीएस अपना काम कर रही है। यूपी एटीएस की ...