रांची, जुलाई 2 -- तोरपा, प्रतिनिधि। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि अन्न प्रत्येक व्यक्ति की मूल आवश्यकता है और पौष्टिक भोजन तभी संभव है, जब अन्नदाता किसान आर्थिक रूप से सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है, इसलिए वर्तमान समय में जैविक खेती को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। वे गुरुवार को तोरपा प्रखंड के चुरगी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में आयोजित 'जैविक खेती एवं श्री अन्न का महत्व' विषयक कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम कृषक गोष्ठी सह कृषक-वैज्ञानिक अंतरमिलन के तहत आयोजित किया गया। अर्जुन मुंडा ने कहा कि कृषि योग्य भूमि लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बहुफसलीय ...