हापुड़, मई 27 -- जैन संत भवन, जैन लोक में विराजमान भावलिंगी श्री 108 विमर्श सागर महामुनिराज ससंघ के सानिध्य में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यहां सैकड़ों जैन श्रद्धालु पहुंचकर महामुनिराज से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में श्रद्धापूर्वक भाग ले रहे हैं। जैन संत भवन में शान्तिधारा, जिनागम प्रशिक्षण शिविर, प्रवचन, गुरु भक्ति एवं आरती जैसे धार्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। जिनागम प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन महामुनिराज विमर्श सागर ने जैन धर्म के सिद्धांतों, पूजन पद्धति तथा आहार चर्या में पालन किए जाने वाले नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूजन में भाव की प्रधानता होती है और प्रत्येक व्यक्ति को पवित्र भाव से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से धार्मि...