मेरठ, जून 13 -- मेरठ। रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन मिलन सिद्धार्थ के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे जैन शिक्षण शिविर में शुक्रवार को श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, वैराग्य और धर्म साधना का संदेश दिया। दीप प्रज्ज्वलन अचल जैन ने किया। स्वीटी दीदी ने कहा कि जब तक शरीर है, तब तक बेटा, बेटी और पारिवारिक संबंध हैं। सभी के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन अवश्य करना चाहिए, लेकिन किसी को अपना नहीं समझना चाहिए। कहा कि मनुष्य को यह समझना होगा कि वह आत्मा है और सबसे अधिक प्रेम आत्मा से ही करना चाहिए। जब अपना शरीर ही स्थायी रूप से अपना नहीं है, तो फिर पत्नी और बच्चों का शरीर अपना कैसे हो सकता है। आत्मा में ज्ञान प्रकट करने की शक्ति विद्यमान है और प्रत्येक जीव में भगवान बनने की क्षमता है। इसलिए भगवान और आत्मा का ध्यान करना चाहिए। इस मौके पर जैन समा...