कटिहार, जुलाई 28 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि आचार्य श्री महाश्रमणजी के शिष्य मुनि प्रशांत कुमार, मुनि कुमुद कुमार के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा पहली बार जैन संस्कार विधि से आठ सदस्यों का सामूहिक जन्मोत्सव मनाया गया। मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुनि प्रशांत कुमार ने कहा कि गुरुदेव श्री तुलसी द्वारा प्रारंभ की गई जैन संस्कार विधि वर्षों से प्रचलित है। सभी कार्य जैन संस्कार विधि से होते है। जन्म से लेकर जीवन भर के सभी कार्य को हम सम्यक तरीके से करें। वर्तमान में जैन संस्कार विधि का प्रयोग बहुत प्रचलित है, जागरुकता भी बढ़ी है l परंपरा के अनुरूप कार्य करें। जैन धर्म अहिंसा प्रधान धर्म है। हमें अहिंसक विधि को अपनाना चाहिए।सबके प्रति मंगलकामना,सबका आध्यात्मिक विकास हो। हनुमान नाहटा ने बताया कि तेयुप के सदस्यों द्वारा विजय गीत का स...