रांची, अगस्त 17 -- रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) में अधिनियम के अनुरूप कार्य न करने वाले वित्त पदाधिकारी, एकेडमिक ऑफिसर और ओएसडी को एक सप्ताह में न हटाने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने इस संबंध में मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा है। मोर्चा के अनुसार, जैक की अनदेखी से 50 से अधिक स्कूल-कॉलेजों की प्रस्वीकृति अटकी हुई है। परीक्षकों की नियुक्ति और मॉडरेशन बोर्ड के गठन जैसे कार्य नियमावली के तहत नहीं हो रहे हैं। जैक में 18 माह से उपाध्यक्ष और 13 सदस्यों के पद खाली होने से कोरम पूरा नहीं हो पा रहा है। इससे छह माह से समितियां निष्प्रभावी हैं और पाठ्यक्रम में बदलाव भी रुका हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...