जेल से छूटकर बंदी बनेंगे मैकेनिक, महिलाएं करेंगी सिलाई
कानपुर, अप्रैल 11 -- कानपुर देहात। जेल मे निरुद्ध बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेल प्रशासन की ओर से स्वरोजगार के गुर सिखाए जा रहे हैं। चार माह तक चले पहले बैच में ब्यूटीशियन व इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब माती जेल के आत्मनिर्भर कौशल विकास केंद्र में दूसरे बैच के 60 बंदियों को सिलाई व मोटर मैकेनिक का प्रशिक्षण देने की तैयारी की गई है। जेल से छूटने के बाद यह बंदी सिलाई ब्यूटीशियन, इलेक्ट्रीशियन व मोटरमैकेनिक के रूप में कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। माती जेल में इस समय 992 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 942 पुरुष व 50 महिला बंदी शामिल हैं। जेल प्रशासन ने बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कारागार के अंदर बनाए गए आत्मनिर्भर कौशल विकास केंद्र में दीक्षालय फाउंडेशन के सहयोग से महिला व पुरुष बंदियों को स्वरोजगार का प्रशि...
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