फिरोजाबाद, जुलाई 11 -- जिला कारागार में बच्चे की हत्या में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद शुक्रवार को सारी रात विराज विचलित रहा। उसको रात को नींद नहीं आई। अपनी बैरक के साथी बंदियों से भी कोई बात नहीं की। खाना भी नहीं खाया। शनिवार को भी किसी से बात नहीं की। विराज से उसके परिवार का कोई सदस्य भी जेल में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मिलने नहीं आया। अब जेल के माध्यम से या स्वयं द्वारा वह हाईकोर्ट में अपनी अपील करेगा। विराज को फिरोजाबाद के जिला कारागार में ही रखा जाएगा। उसको सेंट्रल जेल में शिफ्ट किए जाने या फिर फांसी लगने की कयासें चल रही हैं वह गलत हैं। सबसे पहले विराज को अभी हाईकोर्ट में अपील करने की छूट है। 30 दिन के अंदर वह अपनी मृत्युदंड की सजा को लेकर अपील कर सकेगा। इसके बाद अगर हाईकोर्ट से भी उसको सजा पर राहत नहीं मिलती है वह सुप्रीम ...